भाग-१(1) राजा दशरथ का श्रीराम को युवराज बनाने का विचार
भाग-७(7) कुब्जा के कुचक्र से कैकेयी का कोपभवन में प्रवेश
भाग-११(11) राजा का विलाप और कैकेयी से अनुनय-विनय
भाग-१३(13) सुमन्त्र का राजा की आज्ञा से श्रीराम को बुलाने के लिये उनके महल में जाना
भाग-१४(14) सुमन्त्र का श्रीराम के महल में पहुँचकर महाराज का संदेश सुनाना
भाग-२४(24) श्रीराम से लक्ष्मण का साथ वन में चलने के लिए विनती करना
भाग-२८(28) सीता और लक्ष्मण सहित श्रीराम का राजा दशरथ के पास जाकर वनवास के लिये विदा माँगना
भाग-२९(29) अवधवासियों का विषाद, कैकेयी को समझाना
भाग-३०(30) सुमन्त्र के समझाने और फटकारने पर भी कैकेयी का टस से मस न होना
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